Suraj Bari Mataji Railmagra Rajsamand - Places to Visit and History

Suraj Bari Mataji - यहाँ पर ठीक हो जाते हैं सभी तरह के दर्द, Suraj Bari Mataji - All types of pain are cured

राजसमन्द जिले की रेलमगरा तहसील में एक ऐसा चमत्कारी मंदिर स्थित है जहाँ जाने से सभी तरह की शारीरिक पीडाओं से मुक्ति मिल जाती है. इस मंदिर को सूरज बारी माताजी के मंदिर के नाम से जाना जाता है.

Suraj bari temple location

यह मंदिर रेलमगरा से लगभग छः किलोमीटर की दूरी पर राजपुरा देबारी ग्राम में स्थित है. मंदिर के चमत्कारी होने की वजह से इसकी प्रसिद्धि दिन प्रतिदिन बढती जा रही है.

चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ यह मंदिर किसी समय एक निर्जन क्षेत्र में हुआ करता था परन्तु बढ़ते औद्योगीकरण की वजह से अब यहाँ चहल पहल हो गई है.

मंदिर के निकट के पहाड़ों में देबारी की खदानों में खनन कार्य होने की वजह से यहाँ पर पहुँचने के लिए संसाधन काफी बढ़ गए हैं.

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प्राकृतिक रूप से बना हुआ यह मंदिर एक छोटी चट्टान पर स्थित है जहाँ तक पहुँचने के लिए सीढियाँ बनी हुई है. ऊपर सीढ़ियों के बगल में भोजन प्रसादी के लिए स्थान बना हुआ है.

मंदिर में प्रवेश करने पर सामने माताजी की सवारी के लिए शेर की प्रतिमा मौजूद है. पास में ही धार्मिक कार्यों के लिए धूणा स्थित है. सामने ही एक छोटी चट्टान के नीचे दो छोटे गुफा नुमा रास्ते हैं जिनमे से एक रास्ते पर पिंड रुपी माताजी विराजती हैं.

Why it is called suraj bari?

इन दोनों छोटे गुफा नुमा रास्तों को बारी कहा जाता है क्योंकि मेवाड़ी जबान में बारी का मतलब छोटा रास्ता होता है. इस बारी से होकर सूरज की पहली किरण माताजी के मुख पर पड़ती है जिस वजह से इन्हें सूरज बारी माताजी कहा जाता है.

दर्शन करने के बाद इस गुफा नुमा रास्ते में प्रवेश कर दूसरे रास्ते में से निकल कर माताजी की परिक्रमा पूर्ण की जाती है. ये दोनों रास्ते काफी संकरे है जिनमे से लेट कर ही जाया जा सकता है.

जाने का रास्ता तो फिर भी थोडा बड़ा है लेकिन वापस लौटने का रास्ता बहुत संकरा है जिसमे अन्दर अटक जाने का भय रहता है.

Beliefs of suraj bari mataji

अब इसे माताजी का चमत्कार ही कहा जा सकता है कि इस रास्ते से लाखों लोग परिक्रमा कर चुके हैं जिनमे कई लोग काफी तंदुरुस्त भी रहे हैं लेकिन आज तक कोई भी इसमें नहीं फँसा है.

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ पर माताजी के दर्शन कर परिक्रमा लगाने से सभी प्रकार की शारीरिक पीड़ाएँ दूर होती है जिनमे लकवा और अन्य प्रकार की निर्बलता शामिल हैं.

अगर आप प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ धार्मिक स्थलों को नजदीक से देखने के इच्छुक है तो आपको सूरज बारी माताजी के यहाँ अवश्य जाना चाहिए.

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Written By

ramesh sharma

Ramesh Sharma (M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS)

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