Reengus Ka Kila

Reengas Fort - चारों तरफ खाई से सुरक्षित गढ़, Reengus Fort - Protected by deep ditch

सीकर जिले का रींगस कस्बा प्रसिद्ध भैरव मंदिर की वजह से अपनी एक अलग ही पहचान रखता है. परन्तु बहुत कम लोग जानते हैं कि इस कस्बे में एक ऐतिहासिक धरोहर भी मौजूद है.

यह धरोहर है रींगस का गढ़ जिसे रींगस फोर्ट के नाम से जाना जाता है. यह फोर्ट रींगस कस्बे के अन्दर आजाद चौक में स्थित है. जयपुर से यहाँ की दूरी लगभग 60 किलोमीटर की है.

Parcha wale balaji in reengus fort

किसी समय इस गढ़ के अन्दर पुलिस थाना स्थित था. वर्तमान में इस गढ़ में बालाजी का मंदिर बना हुआ है जिसे परचा वाले गढ़ के बालाजी के नाम से जाना जाता है.

पुराने समय में सुरक्षा के लिए इस फोर्ट के चारों तरफ गहरी खाई बनी हुई थी परन्तु अब यह खाई मलबे से भर दी गई है. मुख्य दरवाजे के पास खाई होने का आभास होता है.

Burj and fort wall of Reengus fort

इस फोर्ट के चारों तरफ गोलाकार आकृति की बुर्जों युक्त मजबूत परकोटा बना हुआ है. परकोटे एवं बुर्जों की दीवारों की चौड़ाई काफी ज्यादा है जिसकी वजह से गढ़ काफी सुरक्षित दिखाई देता है.

पत्थर और चूनें से निर्मित इन बुर्जों की बनावट की वजह से यह फोर्ट दूर से काफी दर्शनीय प्रतीत होता है. बुर्ज के रास्ते से अन्दर जाने पर मुख्य दरवाजा आता है. इस दरवाजे से प्रवेश करने पर अन्दर काफी बड़ा एवं खुला चौक मौजूद है.

Balaji mandir in fort

चौक के एक तरफ बालाजी का मंदिर स्थित है जिसमे अक्सर कस्बे की महिलाएँ पूजा पाठ एवं भजन करती दिखाई दे जाती है. चौक से ऊपर जाने के लिए दो तीन तरफ सीढ़ियाँ बनी हुई है.

ऊपर से बुर्ज को देखने पर इसकी भव्यता का एक अलग ही अहसास होता है. ऊपर की तरफ कुछ कमरे एवं एक मुख्य कक्ष बना हुआ है. यह मुख्य कक्ष थोड़ी भव्यता लिए हुए है.

शायद यह कक्ष इस गढ़ के मुखिया का निवास स्थान रहा होगा. अगर इस गढ़ की प्रसिद्धि के विषय में बात की जाए तो आस पास के लोगों को भी इसके विषय में ढंग से पता नहीं है.

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स्थानीय प्रशासन द्वारा भी यह धरोहर पूरी तरह से उपेक्षित है. खाटूश्यामजी के मंदिर की वजह से लाखों श्रद्धालु प्रति वर्ष रींगस कस्बे में से गुजरते हैं.

अगर प्रशासन इस विरासत का संरक्षण कर रखरखाव करे तो यह गढ़ एक पर्यटक स्थल के रूप में सामान्य पर्यटकों के साथ-साथ इन श्रद्धालुओं को भी आकर्षित कर सकता है.

अगर आप ऐतिहासिक स्थलों और धरोहरों को करीब से देखने में रूचि रखते हैं तो आपको यह गढ़ जरूर देखना चाहिए.

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Written By

ramesh sharma

Ramesh Sharma (M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS)

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