khandeshwar mahadev

Khandleshwar Mahadev Khandela - घूमने की जगह और इतिहास, Khandleshwar Mahadev Khandela - Places to Visit and History

प्राचीन काल में खंडेला रियासत सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यों का प्रमुख केंद्र थी. शैवमत एवं जैन धर्म यहाँ पर बहुत फला फूला. आज हम आपको खंडेला के सबसे प्राचीन मंदिर की यात्रा करवाते हैं. इस मंदिर को खंडलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर राजपरिवार की छतरियों से थोडा पहले स्थित है.

देखने से यह मंदिर प्राचीन प्रतीत नहीं होता है संभवतः इसका कारण आधुनिक तरीके से जीर्णोद्धार होना है. जैसा आप जानते हैं कि आधुनिक शिल्पकला प्राचीन शिल्पकला को पूरी तरह से नष्ट कर देती है.

Khandleshwar mahadev location and architecture

मंदिर गर्भगृह में काँच की नक्काशी करके इसे भव्य बनाने की कोशिश की गई है. मंदिर परिसर में जगह-जगह टाइल्स का उपयोग किया गया है. गर्भगृह के बाहर पत्थर के नंदी विराजमान है.

अगर इतिहास में झाँके तो पता चलता है कि पहले भी इस मंदिर का कई बार जीर्णोद्धार हो चुका है. अगर मंदिर के निर्माण के विषय में बात की जाए तो 1008 ईस्वी के खंडेला शिलालेख से महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है.

Khandleshwar mahadev mandir history

प्राप्त जानकारी के अनुसार सातवीं शताब्दी में खंडेला शैवमत का मुख्य केंद्र था. यहाँ पर आदित्यनाग धूसर ने 644 ईस्वी में अर्धनारीश्वर का एक मंदिर बनवाया था.

बाद में इस मंदिर के ध्वंसावशेष से एक नया मंदिर बना जिसे खंडलेश्वर के नाम से जाना गया और जिसकी पुष्टि 1008 ईस्वी के खंडेला शिलालेख से होती है.

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इस प्रकार हम कह सकते हैं कि वर्तमान खंडलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास 644 ईस्वी से शुरू होता है. मंदिर ऊँचाई पर बना हुआ है जिसकी वजह से हम कल्पना कर सकते है कि उस समय यह मंदिर किसी छोटी पहाड़ी पर स्थित होगा.

मंदिर का परिसर काफी बड़ा था जिसका प्रमाण यह है कि चामुण्डा माता का मंदिर भी अपने वर्तमान स्थान पर स्थापित होने से पहले खंडलेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में स्थित था.

यह मंदिर तेरह सौ वर्षों से अधिक पुराना है लेकिन अगर आप खंडेला में इसके इतिहास के सम्बन्ध में बात करेंगे तो बहुत कम लोगों को इस सम्बन्ध में पता होगा. अगर आप विरासतों को नजदीक से देखकर इनमे अपने पूर्वजों को ढूँढना चाहते हैं तो आपको इस मंदिर में अवश्य जाना चाहिए.

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Written By

ramesh sharma

Ramesh Sharma (M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS)

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