mere pyare bhaiyon bahnon poetry

मेरे प्यारे भाइयों बहनों - हिंदी कविता, Mere Pyare Bhaiyon Bahnon - Hindi Kavita

गुजरात मेरी जन्मभूमि और आन बान और शान है
यहीं से मेरा अस्तित्व और यहीं से ही मेरी पहचान है
मेरे सांस्कृतिक जीवन का यही प्रथम मैदान है
यहीं पर मैंने ठाना कि राजनीति ही मेरा धर्म और ईमान है

“इच्छाएँ और विजन बड़ा होना चाहिए”, यही ठानता हूँ
“सपने पूर्ण करने हैं”, अच्छी तरह मानता हूँ
गुजरात से निकल कर, देश का नेतृत्व करना चाहता हूँ
लक्ष्य के बीच में आने वाली, हर बाधा को हटाना जानता हूँ

भ्रष्टाचार और कालेधन के मुद्दों को, लोकसभा चुनाव में खूब उठाया
चुनावी सभाओं में जनता को, मित्रों एवं भाइयों बहनों कहकर खूब रिझाया
तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टियों को, उनके कथित घोटालों के जाल में फंसाया
चाणक्य नीति को अपना कर मैं, पूर्ण बहुमत से चुनाव जीत कर आया

प्रधान सेवक बनते ही, पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर जीर्णोद्धार किया
विश्वासपात्र क्षत्रप को अध्यक्ष बनाकर, पार्टी का दारोमदार दिया
रास्ते के सभी अवरोधों को, समझाइश से निष्क्रिय किया
कुछ थे ऐसे जो डटे रहे, उन्हें मार्गदर्शक मंडल में सक्रिय किया

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ऑक्टोपस की तरह पार्टी पर पकड़ कर, एकछत्र राज चला रहे हैं
मनभेदी तथा मतभेदी विचारधाराओं को, डाँट डपट कर सुला रहे हैं
“कांग्रेस मुक्त भारत” का वादा, हम पूरी शिद्दत से निभा रहे हैं
कांग्रेस जहाँ अस्तित्व में है, उसे खंडित कर पार्टी में मिला रहे हैं

“मैं जो सोचता हूँ वो करता हूँ”, कई निर्णयों से ये जता दिया
अचानक नोटबंदी करके, दुनिया को ये दिखा दिया
अब कालाधन खत्म हो जायेगा, ऐसा मैंने वचन दिया है
इसलिए रिजर्व बैंक का कार्य भी, अपने हाथों में ले लिया है

“मेरा वचन ही है मेरा शासन”, बस ऐसी ही कुछ सूरत है
अमलीजामा पहनाने के लिए, सिर्फ कटप्पाओं की जरूरत है
सरकारी जाँच एजेंसियाँ, यह कार्य बखूबी निभा रही है
केवल मूक इशारे पर, कटप्पा बनने की होड़ लगा रही है

कुशल नीति और प्रबंधन से, हम सोशल मीडिया पर विराट हैं
बिना अश्वमेघ यज्ञ के, सोशल मीडिया के चक्रवर्ती सम्राट हैं
मजाल है जो कोई, सोशल मीडिया पर हमारे विरुद्ध कुछ कर जाए
दुस्साहस भी करे अगर तो, मेरे क्षत्रपों के ब्रह्मास्त्रों से डर जाए

जहाँ कहीं भी देखो, हम ही हम नजर आते हैं
चाहे टीवी हो या मोबाइल, सब मेरे ही गुण गाते हैं
कथित चारणों से युक्त न्यूज चैनल ही, हमारा प्रश्रय पाते हैं
जो चारण ना बन पाए, वो कोप भागी बनकर बहुत पछताते हैं

हम दोनों, आधुनिक चन्द्रगुप्त और चाणक्य बने हैं
पर धनानंद कौन-कौन है, यह अभी समझ से परे है
उस युग से अब तक, हर युग में जनता ने कष्ट सहे हैं
क्योंकि बुद्धिमान लोग, हर युग में ऐसे ही राज करते रहे हैं

हमेशा की तरह चुनावी वायदे, आगामी चुनाओं तक भुला दिए जाते हैं
बीच-बीच में कुछ जागरूक लोग, तड़प-तड़प कर उनकी याद दिलाते हैं
हम जनसेवक चुनाव के पश्चात, पाँच साल तक जनता को बरगलाते हैं
फिर चुनावों के समय, उन्ही अपूर्ण वादों को पूरा करने का वायदा दोहराते हैं

जनता की क्षीण याददाश्त, हम सभी नेताओं के लिए लाभदायक है
अपूर्ण वादों के बावजूद भी, पुनः सत्ता पर काबिज होना इसका परिचायक है
हमारी शहद सी मीठी जुबान और विनम्रता ही, हमारे मजबूत अस्त्र शस्त्र है
हमें इस बात से कुछ नहीं लेना देना कि, जनता हमसे कितनी त्रस्त है

“स्टेचू ऑफ यूनिटी” और “बुलेट ट्रेन” ही, मेरे जीवन के दो प्रमुख सपने हैं
जो इनके विरोध में हैं, वो मेरे कट्टर विरोधी बाकी सभी मेरे अपने हैं
इन दोनों की वजह से, विश्व में भारत की ताकत बढ़ जाएगी
बढ़ी हुई इस ताकत से, करोड़ो भारतीयों की भूख भी मिट जाएगी

आखिर में अपने बारे में, एक राज की बात बताता हूँ
अपनी सफलता का मूल मंत्र, आप सभी को सुनाता हूँ
मैं भाषण कला में प्रवीण हूँ और, भाइयों बहनों से ही मेरी पहचान है
लोग मेरे भक्त बन जाते हैं क्योंकि, शहद से भी मीठी मेरी जुबान है

Mere Pyare Bhaiyon Bahnon Poem in English

Written By

ramesh sharma

Ramesh Sharma (M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS)

Disclaimer

कविता में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं एवं कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार Khatu.org के नहीं हैं. कविता में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Khatu.org उत्तरदायी नहीं है.

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