d pharm course maximum age

क्या डी फार्म कोर्स के लिए अधिकतम उम्र सीमा तय हो गई है?, Is there any upper age limit for D Pharm course?

फार्मेसी फील्ड में सबसे अधिक डिमांड में रहने वाले कोर्स का नाम है डिप्लोमा इन फार्मेसी यानि डी फार्म. यह दो वर्ष की अवधि का डिप्लोमा लेवल का कोर्स है.

इस कोर्स को कम्पलीट करने के बाद आप अपनी खुद की फार्मेसी यानि केमिस्ट शॉप शुरू कर सकते हैं. अपने इस गुण की वजह से यह कोर्स स्टूडेंट्स के साथ-साथ उन लोगों में बहुत ज्यादा फेमस है जो दवाइयों के व्यापार से जुड़े हुए हैं.

अभी तक इस कोर्स में एडमिशन के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं थी मतलब इस कोर्स में किसी भी उम्र का स्टूडेंट एडमिशन ले सकता था, लेकिन लिछ्ले वर्ष सितम्बर के महीने में पीसीआई ने जब उम्र की सीमा को लेकर एक सर्कुलर जारी किया, उसके बाद से इस कोर्स में एडमिशन लेने के इच्छुक स्टूडेंट्स में खलबली सी मच गई.

खलबली मचना लाजमी था क्योंकि शायद भारत में कॉलेज लेवल पर डी फार्म ही एक ऐसा इकलौता कोर्स है जिसमे आपको किसी भी उम्र के स्टूडेंट्स मिल जायेंगे. कई कॉलेजेस में तो चालीस-पचास वर्ष के स्टूडेंट्स काफी अधिक संख्या में दिखाई दे जाते हैं.

अब इस उम्र संबंधी सर्कुलर की वजह से सभी उम्रदराज स्टूडेंट्स में खलबली मच गई है कि वो अब डी फार्म कोर्स में एडमिशन कैसे ले पाएँगे. सबसे पहले हम पीसीआई द्वारा जारी किये गए उस सर्कुलर को समझते हैं कि आखिर उसमे ऐसा लिखा क्या है.

अगर हम इस सर्कुलर को देखेंगे तो पाएँगे कि पीसीआई ने जो एजुकेशन रेगुलेशन 2020 जारी किया था, उसमे एडमिशन के लिए जो मिनिमम क्वालिफिकेशन थी, अब पीसीआई उसमे एक चेंज करना चाहती है.

यह चेंज एडमिशन में उम्र को लेकर है. दरअसल एजुकेशन रेगुलेशन 2020 में उम्र की अधिकतम और न्यूनतम सीमा के बारे में कोई जिक्र नहीं है लेकिन पीसीआई अब इसमें एडमिशन के लिए उम्र की लिमिट डिसाइड करना चाहती है.

What is the new change regarding age limit in ER 2020?

इसके लिए पीसीआई यह बदलाव लाना चाहती है कि डी फार्म में सिर्फ वो स्टूडेंट्स ही एडमिशन ले पाए जिन्होंने अपनी 12th क्लास डी फार्म में एडमिशन के समय से पाँच वर्ष के अन्दर की है. यानि कोई भी स्टूडेंट 12th क्लास पास करने के बाद केवल पाँच वर्षों के अन्दर ही डी फार्म में एडमिशन ले पाये.

बाकी सारी क्वालिफिकेशन वैसी ही है जैसी पहले थी यानि साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री के साथ बायोलॉजी या मैथ्स सब्जेक्ट में 12th क्लास पास होनी चाहिए.

अब सबसे पहले तो हम ये क्लियर कर लें कि ये सर्कुलर अभी तक कोई रूल नहीं बना है. ये सर्कुलर केवल इस एक्ट में अमेंडमेंट होने से पहले इसके सम्बन्ध में पब्लिक से कमेंट मांगे जाने को लेकर है.

इसलिए आप यह क्लियर कर लीजिये कि ये अमेंडमेंट अभी लागू नहीं हुआ है. ये जब भी लागू होगा तब उसके लिए नया सर्कुलर आएगा.

रही बात 12th क्लास के बाद पाँच वर्षों के कम्पल्शन की, तो जो वास्तव में स्टूडेंट है वो तो वैसे भी 12th क्लास पास करने के बाद ज्यादा से ज्यादा पाँच वर्षों के अन्दर ही एडमिशन ले लेते हैं. ऐसे स्टूडेंट्स के सामने किसी तरह की प्रॉब्लम ना तो पहले थी और ना ही इस अमेंडमेंट के बाद होगी.

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इस अमेंडमेंट से परेशानी सिर्फ उन्ही स्टूडेंट्स को होगी जिन्हें 12th क्लास किये बरसों बीत गए है यानि जिनकी उम्र पढने की नहीं बल्कि पढ़ाने की हो गई है. वैसे भी कहते हैं कि पढने की कोई उम्र नहीं होती इसलिए कोई व्यक्ति किसी भी उम्र में पढ़ सकता है.

इस सर्कुलर को देखकर अगर आपको ऐसा लगता है कि प्रवेश में अधिकतम उम्र का नियम लागू हो जाने से डी फार्म कोर्स में अधिक उम्र के स्टूडेंट्स दिखाई देना बंद हो जायेंगे, तो आप गलत हैं.

दरअसल आज के समय ऐसे बहुत से एज्ड स्टूडेंट्स डी फार्म में एडमिशन ले रहे हैं या ले चुके हैं जिन्होंने एडमिशन से ठीक पहले साइंस स्ट्रीम में 12th क्लास पास की है, भले ही इनकी उम्र कितनी भी क्यों न हो.

आप सोचेंगे कि ऐसा कैसे? मैं आपको बताता हूँ कि ऐसा कैसे होता है. हमारे देश में स्कूली शिक्षा लेने के लिए बहुत से माध्यम हैं जिनमे NIOS यानि National Institute of Open Schooling भी है जिसमे शिक्षा लेने की कोई उम्र सीमा नहीं है.

डी फार्म में एडमिशन लेने के लिए मिनिमम क्वालिफिकेशन की बात की जाए तो ऐसा कोई भी स्टूडेंट जो NIOS से साइंस में 12th पास है, वह डी फार्म में एडमिशन लेने के लिए एलीजिबल हैं.

तो अब जिस स्टूडेंट को डी फार्म में एडमिशन लेना है वो पहले ओपन स्कूल से साइंस में 12th क्लास पास करता है फिर डी फार्म में एडमिशन लेता है. कानूनी रूप से ऐसा करना कही भी गलत नहीं है.

दरअसल डी फार्म में एडमिशन लेने वाले अधिकतर उम्रदराज स्टूडेंट्स इसी तरीके को आजमाते हैं फिर चाहे उनका कभी साइंस स्ट्रीम से कभी वास्ता ही ना रहा हो.

इसलिए जिन लोगों ने आर्ट्स, कॉमर्स आदि स्ट्रीम में अपनी शिक्षा पाई होती है वे वर्षों बाद फटाफट से साइंस में 12th क्लास पास कर डी फार्म में एडमिशन ले लेते हैं और इसे भी दो वर्षों में पूरा कर लेते हैं.

इस प्रकार के कार्य के लिए कई एजेंट अपनी सेवाएँ देते हैं. सुनने में आता है कि बहुत से एजेंट तो तीन वर्षों में 12th क्लास के साथ डी फार्म कोर्स बिना किसी परेशानी के और बड़ी सहूलियत के साथ करवाने का पैकेज सिस्टम भी देते हैं.

इस बात का सबूत डी फार्म पास आउट वे एज्ड स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने डिप्लोमा में एडमिशन लेने से तुरंत पहले ओपन स्कूल से साइंस में 12th क्लास पास की है. अगर आप इनसे 12th क्लास और डी फार्म के सब्जेक्ट्स का नाम और उनकी स्पेलिंग तक लिखने के लिए कहेंगे तो भी ये नहीं लिख पाएँगे.

इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब कोई स्टूडेंट अपने पास किये गए विषयों के नाम तक नहीं बता पाए तो उसने पढाई करने में किस टैलेंट का इस्तेमाल किया होगा.

इन बातों से आप समझ सकते हैं कि अगर ठीक जगह अघोषित सेवा शुल्क दिया जाए तो डी फार्म कोर्स करना बिलकुल भी कठिन नहीं है. यह एक कडवी सच्चाई है कि नियमों से चलने वाले लोग हमेशा से परेशान रहे हैं और जो नियमों का तोड़ना जानते हैं उन्हें कभी कोई परेशानी नहीं होती है.

इसलिए आप इस सर्कुलर को लेकर बिलकुल भी चिंतित ना हो कि अब डी फार्म कोर्स में उम्र की लिमिट हो गई है. इस सर्कुलर में कही पर भी उम्र की लिमिट का जिक्र नहीं है. ऐसा लगता है कि ये उम्र से सम्बंधित अमेंडमेंट हाथी के उन दाँतों की तरह है जो केवल दिखाने के काम आते हैं.

अगर फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया वास्तव में उम्र की अधिकतम सीमा के लिए चिंतित होती तो वह उम्र का कोई एक नंबर जैसे अधिकतम 25 वर्ष या 30 वर्ष जरूर बताती. जब उम्र का कोई नंबर नहीं है तो इस अमेंडमेंट का कोई मतलब नहीं है.

इस अमेंडमेंट से तो उन एजेंट्स को ही फायदा होना है जो डी फार्म की शिक्षा को पैकेज सिस्टम के जरिये बेच रहे हैं क्योंकि अब उनके पास ओपन स्कूल से साइंस में 12th क्लास करने वाले स्टूडेंट्स रुपी खरीददारों की संख्या बढ़ जाएगी.

तो अब आप ये समझ गए होंगे कि इस अमेंडमेंट से कोई विशेष फर्क पड़ेगा ऐसा बिलकुल नहीं दिख रहा है लेकिन पीसीआई कुछ करती दिख रही है, ये ही अपने आप में उल्लेखनीय है.

अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि अगर ये नियम लागू होता है तो इसका प्रभाव सिर्फ इतना ही पड़ेगा कि ओपन स्कूल से साइंस में 12th क्लास करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ जाएगी. कुल मिलाकर तीस पैंतीस हजार रुपये का खर्चा एक्स्ट्रा करना पड़ेगा.

Written By

ramesh sharma

Ramesh Sharma (M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS)

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